उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। अब प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पंप खोलने के लिए उद्यमियों को चार अलग-अलग विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
🧾 क्या है योगी सरकार का नया आदेश?
- अब पेट्रोल/डीजल पंप खोलने के लिए
- ❌ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- ❌ वन विभाग
- ❌ राजस्व विभाग
- ❌ स्थानीय निकाय
से अलग-अलग NOC लेने की बाध्यता नहीं रहेगी
- आवेदन प्रक्रिया को सरल, डिजिटल और समयबद्ध बनाया गया है
- पहले जहां एक पंप खोलने में 12–18 महीने लग जाते थे, अब यह प्रक्रिया काफी तेज होगी।
🏗️ पहले क्यों होती थी परेशानी?
उद्यमीयो के मुताबिक, पहले पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया बेहद जटिल थी—
- हर विभाग की अलग शर्तें
- महीनों तक फाइलें लंबित
- बार-बार आपत्तियां और निरीक्षण
- भ्रष्टाचार की शिकायतें
इन कारणों से कई निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करने से कतराते थे।
📌 अब क्या बदलेगा?
- ✔️ एकल खिड़की प्रणाली (Single Window System) को बढ़ावा
- ✔️ निवेशकों का समय और लागत दोनों बचेगी
- ✔️ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नए पेट्रोल पंप खुलेंगे
- ✔️ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- ✔️ तेल कंपनियों को भी नेटवर्क विस्तार में आसान।
